मौलवी साहब
क्या बेटा क्या हाल है , जहां भी किसी से मिलता बिना मतलब के ही रिश्तेदारी जोड़ ही लेता है , और पूछ बैठता है , बेटा अब्बा कैसा है , नही तो क्या भैय्या भाभी कैसी हैं , मेरा सलाम बोलिएगा । एक बात तो है , ये आदमी को वाकई बहुत सारे लोग जानते हैं और ये भी , पता नहीं कितने दूर दूर तक के रिश्तेदार को जानते हैं । सब कुछ होते हुए भी कुछ न हो ऐसा देखने से तो लगता है । पर लोगों को इसकी हरकत की वजह से लोग इन्हें मजाक - मजाक में सताने लगते हैं । दरअसल ये आदमी ही एक अलग सवभाव का है जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं की अगले कुछ मिनटों में इसका मूड कैसा रहने वाला है ये किसी को पता नहीं । इसलिए लोग और भी इन्हें ज्यादा परेशान करने लगते हैं । आदमी चाहे जैसा भी हो पर है बड़े काम का । जैसे ही गर्मी की शुरुआत होती है इसकी चलती बढ़ जाती है । लोग इनकी खुशामत करते हैं , क्या मौलवी नय्यर साब कब फ्री हैं मेरा चारपाई कब बना के दीजिएगा और ये किसी को मना नहीं करते लोग पूछते हैं कितना सुतली और क्या सब लगेगा बता दीजिए और आप किस दिन समय दे रहे हैं । ज्यादातर लोग इन्हें चौक...